Saturday, 13 June 2020

अवधी भाषा की शक्तियां और कमजोरियां


अवधी भाषा की शक्तियां-
1- गंभीर, उदात्त तथा मर्यादापूर्ण अभिव्यक्ति के लिये अनुकूल
2- न तो ब्रजभाषा की तरह कोमल और संगीतात्मक तथा न ही हरियाणवी की तरह कठोर
3- गति की तीव्रता कम तथा ठहराव
4- लोचशीलता - भाषाओं को आसानी से आत्मसात करना
5- प्रबंध काव्य के अनुकूल (रामचरित मानस, पद्मावत आदि)
6- बड़ा प्रयोक्तावर्ग - लगभग संपूर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश (अयोध्या, फैजाबाद, गोंडा, बस्ती, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली आदि)

अवधी भाषा की कमजोरी-
1- चंचल, मनोरंजन परक वृत्तियों का वर्णन करने में असमर्थ
2- आधुनिक जीवन की जटिलताओं को अभिव्यक्त करने में असमर्थ
3- मुक्तक काव्य के अनुकूल नहीं (संभवतः इसी कारण तुलसीदास ने मुक्तक काव्यों की रचना के ब्रजभाषा का चयन किया)
4- अपने स्थान की सीमा का अतिक्रमण करने में अक्षम

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