Thursday, 23 July 2020

क्या मोहनजोदड़ो का विनाश परमाणु विस्फोट से हुआ था?

क्या मोहनजोदड़ो का विनाश परमाणु विस्फोट से हुआ था?

क- रूसी आर्कियोलाजिस्ट A. Gorbovsky अपनी पुस्तक "Riddles of ancient history" में दावा करते हैं -

1- "मोहनजोदड़ो में ऐसे मानव-कंकाल मिले हैं जो एक दूसरे का हाथ ऐसे पकड़े हुए हैं मानों प्रलय में साथ-साथ प्राण त्यागेंगे। इन कंकालों में सामान्य मानव - कंकालों की तुलना में 50 गुना अधिक रेडियोएक्टिव रेडिएशन मौजूद है।"

2- "मोहनजोदड़ो में कुछ स्थानों पर ऐसे काले पत्थर मिले हैं जो संभवतः बर्तन रहे होंगे लेकिन अत्यधिक तापमान पर एकदम कठोर और काले पड़ गये।"

ख- ब्रिटिश भारतीय पुरातत्वविद डेविड ड्वेनपोर्ट तथा इंट्टोर विंसेंटी ने अपने लेख "Atomic Destruction - 2000 BC" में दावा किया है-

1- "मोहनजोदड़ो में 50 यार्ड का एक ऐसा अधिकेंद्र (epicentre) मिला है जहाँ ग्लासीफाइड चट्टानें मिली हैं। यह चट्टाने कम से कम 1500 डि. से. पर ग्लासी चट्टान के रूप में परिवर्तित हुई होगी।"

ग- इसके अलावा राजस्थान के जोधपुर जिले के उत्तर-पश्चिम में रेडियोएक्टिव राख पाये गये हैं।

घ- महाभारत तथा अन्य ग्रंथों का साक्ष्य-

1- तदस्त्रं प्रज्ज्वाल महाज्ज्वालं तेजोमंडल संवृतम।
सशब्दम्भवम व्योम ज्वालामालाकुलं भृशम।
चचाल च मही कृत्स्ना सपर्वतवनद्रुमा।। महाभारत ।। 8-10-14 ।।

अर्थात : वह अस्त्र (ब्रह्मास्त्र) छोड़े जाने के बाद भयंकर वायु जोरदार तमाचे मारने लगी। सहस्रावधि उल्का आकाश से गिरने लगे। प्राणिमात्र को भयंकर महाभय उत्पन्न हो गया। आकाश में घनघोर ध्वनि हुई। आकाश जलने लगा। पर्वत, अरण्य, वृक्षों के साथ समूची पृथ्वी हिल गई।

2- श्रीकृष्ण अश्वत्थामा द्वारा ब्रह्मास्त्र छोड़े जाने पर उसके विनाश की तीव्रता के बारे में बता कर अर्जुन द्वारा उसे आकाश में नष्ट करने के लिये कहते हैं।

3- रामायण में जब लक्ष्मण मेघनाद को मारने के लिये ब्रह्मास्त्र चलाना चाहते हैं तब राम उन्हें उसकी भयावहता बताकर चलाने से रोक देते हैं।

@विन्ध्येश्वरी

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