Saturday, 5 July 2025

असली यदुवंशी

वाह क्या भागवत कथा है? श्री कृष्ण भगवान ने इन्हीं यदुवंशी (?) राक्षसों के महिमामंडन हेतु यदुकुल में अवतार लिया था? जिस यदुकुल का वर्णन सुनकर मोक्ष प्राप्त हो जाता है? लेकिन रुको जरा…… आपको बता दें कि संभवतः कोई वास्तविक यदुवंशी बचा ही नहीं है (दावे से नहीं कह सकता लेकिन 99.99 प्रतिशत संभावना यही है)। श्रीमद्भागवत जी में कथा आती है कि मथुरा पर बार बार जरासंध के आक्रमण से त्रस्त होकर यदुवंशियों को बचाने के लिये श्रीकृष्ण ने विश्वकर्मा जी द्वारा चारों तरफ से समुद्र से सुरक्षित द्वारिका नगरी का निर्माण करवाया। फिर सारे यदुवंशियों को ले जाकर वहीं बसाया। श्रीकृष्ण जी के रहते ही धीरे-धीरे सारे यदुवंशी इतने मदमत्त, उपद्रवी, अधर्मी और आततायी हो गये थे कि श्री कृष्ण चिंतित हो गये। उन्होंने विचार किया कि जिस धर्म की स्थापना करने के लिये उन्होंने अवतार लिया, जन्म से लेकर आज तक असुरों, राक्षसों का नाश किया, महाभारत करवाया, उसे तो उनके ही वंशज नष्ट कर रहे हैं। फिर उन्होंने अपनी माया प्रेरित कर महर्षि दुर्वासा द्वारा यदुवंशियों को शाप दिलाकर, (गांधारी का भी शाप इसमें जुड़ता है - जिस प्रकार तुमने मेरे कुल का नाश करवाया है उसी प्रकार तुम्हारे भी कुल का नाश होगा)। तो प्रभास क्षेत्र में ले जाकर सभी यदुवंशियों को आपस में लड़ाकर मरवा दिया है। स्त्रियों को श्रीकृष्ण ने अर्जुन के साथ भेज दिया था। जिसे भीलों ने लूट लिया। अर्थात कुल मिलाकर श्रीकृष्ण के कुल में किसी सदस्य के बचने की संभावना नगण्य है। अब अगर यदुवंशी यादवों का नाश हो गया, यहाँ तक कि कृष्ण भी बहेलिया द्वारा मारे गये। उनकी स्त्रियों को भीलों ने लूट लिया तो आज के यदुवंशी कौन हैं? संभावना यह है कि गोकुल, वृंदावन क्षेत्र के ग्वाल, ढंढोर, अहिर आदि ही आज के यदुवंशी बन गये हैं जो कि कृष्ण के वंशज नहीं हैं। (मूलतः तो श्रीकृष्ण का जन्म यदुवंशी क्षत्रिय वासुदेव जी के यहाँ हुआ था, नन्द जी वासुदेव जी के मित्र थे, ग्वाल थे। वहाँ श्रीकृष्ण जी का पालन-पोषण हुआ, जन्म नहीं) तो श्रीकृष्ण भगवान के नाम पर उछलने वालों सबसे पहले अपना इतिहास पता कर लो, अपना कुल गोत्र पता कर लो फिर यह कहो कि आप यदुवंशी हो। या फिर कुछ और सादर नमन डॉ.विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी

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