Thursday, 3 July 2025

ब्राह्मण से परमेश्वर हारो - क्या सच में?

एक बहु प्रचलित छंद है ब्राह्मणों की प्रतिष्ठा में। ब्राह्मण पैर पताल छलो, औ ब्राह्मण ही साठ हजार को जारो। ब्राह्मण सोख समुद्र लियो औ ब्राह्मण ही यदुवंश उजारो॥ ब्राह्मण लात हनी हरि के तन ब्राह्मण ही क्षत्रिय दल मारो। ब्राह्मण से जिन बैर करो, ब्राह्मण से परमेश्वर हारो॥ और इसे कहकर लोग दंभ भरते हैं कि ब्राह्मण से पंगा मत लेना ब्राह्मण बहुत खतरनाक जीव है। ब्राह्मण से भगवान भी हार गये। कड़वी बात कह रहा हूँ लेकिन सोचना जरूर। मेरी पंक्तियों को ध्यान रखकर अपना मुंह दर्पण में जरूर देखना एकबार। किस ब्राह्मण ने राजा बलि को छला था? किस ब्राह्मण ने राजा सगर के 60 हजार पुत्रों को भस्म किया था? किस ब्राह्मण ने समुद्र को सोख लिया था? किस ब्राह्मण ने यदुवंश के विनाश का शाप दिया था? किस ब्राह्मण ने विष्णु की छाती पर लात मारा था? किस ब्राह्मण ने क्षत्रियों का संहार किया था? कौन थे वे? शिखा, सूत्र, तिलक, संध्या, गायत्री उपासना हीन ब्राह्मण? भक्ष्याभक्ष्य का विवेक न रखने वाले ब्राह्मण? शौच-अशौच का पालन न करने वाले ब्राह्मण? मांस-मदिरा का सेवन करने वाले ब्राह्मण? कुलाचार, तपश्चर्या से हीन ब्राह्मण? वेद, शास्त्र पारायण हीन ब्राह्मण? चिंदी-चिंदी सिक्कों के लिये भगवान और शास्त्र का सौदा करने वाले ब्राह्मण? पोथी-पत्तरा कांख में दबा सीधा उगाहने वाले ब्राह्मण? चंद से लाभ के लिये दुम हिलाने वाले, जी हजूरी करने वाले ब्राह्मण? नहीं। वे थे महर्षि कपिल। वे थे महर्षि अगस्त्य। वे थे महर्षि दुर्वासा। वे थे महर्षि भृगु। वे थे भगवान परशुराम। और इनसे आप अपनी तुलना करते हैं? लज्जा नहीं आती अपने आपको इन महर्षियों के समक्ष रखते समय? आप इनके हजारवें अंश के एकांश भी हैं? भूल कर भी इनके बरक्स कभी स्वयं को खड़ा मत करना। आपकी क्षमता नहीं है इनसे तुलना की। आप हिमालय के समक्ष चींटी को खड़ा कर रहे हैं। इन्होंने अपना पूरा जीवन तपश्चर्या को समर्पित कर दिया था। इनके जीवन में अगर कुछ था तो तप, तप और तप। इन्होंने तप बल से बलि को छला, सगर पुत्रों को अधर्म का दंड दिया, तपबल से समुद्र पान किया। यदुवंशियों की उद्दंडता का दंड तपबल से दिया। तपबल था महर्षि भृगु जी के पास कि वे विष्णु लोक जाते थे अबाध, बेरोक-टोक, जहाँ देवता का भी प्रवेश निषेध था। परशुराम जी स्वयं भगवान के आवेशावतार थे। और आप? आपने कौन सा तप किया है जो इनसे अपनी तुलना करते हैं? सादर नमन 🙏🙏🙏 डॉ.विन्ध्येश्वरी प्रसाद त्रिपाठी

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