Monday, 11 July 2022
एहसान और सुख
संभव है आप में से कई लोगों को मेरी बात बुरी लगे लेकिन यह संसार की एक कड़वी सच्चाई है।
जीवन में खुश रहने के कई सारे सूत्रों में से एक सूत्र यह है कि "लोगों से कम से कम एहसान लेने की कोशिश करो।" एहसान आदमी को कमजोर बनाता है। छोटी-छोटी चीजों के लिये या जिसके बिना आपका काम चल सकता है या जिसे आप स्वयं कर सकते हों उसके लिये तो कतई किसी से कोई सहायता नहीं लेना चाहिए। अगर आप पर कोई एहसान करेगा तो संभव है वह इसलिये करे कि भविष्य में आपसे उसे किसी एहसान या सहायता की उम्मीद हो। यकीन मानिये एहसान करने वाला हमेशा इसका हिसाब रखेगा। और समय आने पर चुकता करने की कोशिश करेगा। नहीं चुकाने पर यकीनन संबंध खराब कर लेगा। मैंने संसार में ऐसे सैकड़ों बनते-बिगड़ते रिश्तों को देखा है। एहसान करने के नाम पर लोगों को घुड़काते-धमकाते देखा है, गर्दन झुकाये हुए देखा है। संभवतः आपका भी अनुभव हो।
यद्यपि मैं यह नहीं कहता कि एहसान या सहायता लेना बुरी बात है लेकिन कम से कम। और उसी समय जब बहुत जरूरी हो या जिसके बिना जीवन असंभव सा हो। हाँ, अगर हो सके तो लोगों की सहायता जरूर करें और वह भी बिना किसी कारण, बिना किसी अपेक्षा के। एहसान कम लेने और दूसरों की निस्वार्थ सहायता से आप सदैव हल्के बने रहेंगे और आप खुश भी रहेंगे क्योंकि आप एहसान के बोझ तले दबे नहीं होंगे।
@विनय नमन 🙏🙏🙏🧘🧘🧘
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